Kabir Ke Dohe With Meaning In Hindi (Hindi Edition)

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Price: ₹ 76.00
(as of May 23,2020 08:49:04 UTC – Details)


Kabir Ke Dohe with which means In Hindi – आज हम आपको अपने लेख में प्रसिद्ध दार्शनिक, चिंतक, समाज सुधारक, संत कबीर दास के दोहे हिंदी मे अर्थ सहित लेकर उपस्थित हैं.

"कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर
ना काहू से दोस्ती, ना कहु से बैर"

उपरोक्त दोहा से रचना कर्ता के व्यक्तित्व के बारे में ठीक-ठीक अंदाजा लगाया जा सकता हैं. संत कबीर दास मानवीय भावनाओं के लेकर बहुत तार्किक और प्रायोगिक थे. Kabir Ke Dohe.

उन्होंने अपने विचारों से समाज में एक सामन्जस्व स्थापित करने का प्रयास किया समानता के भाव को बढ़ावा दिया समाज में व्याप्त ऊंच-नीच को भावना को तार्किक रूप से कटघरे में खड़ा किया। तो चलिए शुरू करते हैं- संत कबीर दास के दोहे हिंदी में

"लूट सके तो लूट ले, राम नाम की लूट.
पाछे फिर पछताओगे , प्राण जाई जब छूट"

अर्थ- संत कबीर दास जी कह रहे हैं की -"अभी समय हैं, राम नाम की लूट मची हैं जितना ज्यादा लूट सको तो लूट लो अर्थात जितना ज्यादा राम नाम भज सको, जप सको जप लो! नहीं तो बाद में बहुत पछताओगे जब प्राण तुम्हारे जायेंगे छूट इसीलिए जब तक प्राण हैं जितना भेज सको राम का नाम भजलो।" जय श्री राम!!



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